सेंधवा – नववर्ष का पहला दिन भक्ति रस मे डूबा शहर

सेंधवा – शहर मे नववर्ष पर सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ जिसके पहले शहर मे भव्य शोभायात्रा निकली
सेंधवा – शहर में इतिहास की सबसे बड़ी भागवत कथा का आयोजन आज से प्रारंभ हुआ,शहर के मुख्य मार्ग बीते 7 दिनों से सजे धजे भागवत कथा की शोभा यात्रा का इंतजार कर रहे थे जो आज इंतजार खत्म हुआ,आज सुबह से ढोल नगाड़ों पर झूमते भजनों पर नृत्य करते श्रद्धालुओं के साथ भगवा और रंग बिरंगी पोशाक पहने हजारों की संख्या में लोग, चुनरी की साड़ियां पहनी कलश यात्रा में शामिल हुई सैकड़ो महिलाएं,भक्ति में वातावरण में शोभायात्रा में सड़कों से गुजरे तो मानौ शहर भक्ति में हो गया,शहर के मुख्य मार्गो को भगवा पता काओं से सजाया गया था, बाहर से विभिन्न तरह के कलाकारों ने शोभायात्रा में अपनी प्रस्तुतिया दी,रंगारंग और मनमोहन प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया, शोभायात्रा के पूर्व में शहर के किला परिसर स्थित भगवान राजराजेश्वर मंदिर में यादव परिवार द्वारा विशेष पूजा अर्चना की गई वहीं अनंत विभूषित श्री श्री जी महाराज ने पहुंचकर पहले भगवान राज राजेश्वर का पूजन कर फिर यादव परिवार के वरिष्ठ संजय यादव के मस्तक पर भागवत जी को सुशोभित कर शोभायात्रा का प्रारंभ किया
विभिन्न समाज सामाजिक संगठनों द्वारा शहर में विभिन्न स्थानों पर शोभायात्रा का भाव जमकर स्वागत किया गया, ढोल नगाड़ों के बीच मुख्य मार्गो से होती शोभायात्रा भागवत कथा स्थल पर पहुंची,नगर में नववर्ष के पावन अवसर पर गुरुवार से सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हर्षोल्लाह से हुआ। कथा से पूर्व नगर में भव्य एवं दिव्य शोभायात्रा निकाली, जो श्री राजराजेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई कथा स्थल तक पहुंची। यह सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा समाजसेवी स्वर्गीय विष्णुप्रसाद यादव की स्मृति में उनके परिजनों द्वारा आयोजित की जा रही है। कथा का संगीतमय वाचन निंबार्काचार्य श्री श्रीजी महाराज श्री श्यामशरण देवाचार्य, सलेमाबाद के श्रीमुख से किया जा रहा है।
शोभायात्रा श्री राजराजेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर राम बाजार, श्याम बाजार, मोतीबाग चौक, संत विनोबा भावे मार्ग, गुरुद्वारा मार्ग से होते हुए कथा स्थल जगन्नाथपुरी, झवर कॉलोनी पहुंची। शोभायात्रा का जगह जगह स्वागत किया गया । अग्रवाल समाज द्वारा श्री सत्यनारायण मंदिर, दशोरा समाज द्वारा मोतीबाग चौक पर, राठौड़ समाज द्वारा किला गेट पर,मारवाड़ी ब्राह्मण समाज द्वारा गुरुद्वारा के पास स्वागत किया गया। आज से लगातार कथा का वाचन दोपहर 2 बजे 5 बजे तक श्री श्रीजी महाराज द्वारा किया जा रहा है । जिसके लिए भव्य पंडाल और उत्कृष्ट व्यवस्थाएं कथा स्थल पर लगभग एक लाख स्क्वेयर फीट क्षेत्र में वाटरप्रूफ पंडाल का निर्माण किया गया है, जिसमें लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था रहेगी। महिलाओं एवं पुरुषों के लिए पृथक-पृथक बैठक व्यवस्था की गई है। कथा मंच 80 फीट × 40 फीट आकार का भव्य रूप में तैयार किया गया है। पूरे पंडाल को बांसुरी, माखन की मटकी एवं मोरपंख की आकर्षक सजावट से सजाया गया है, जो भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का सजीव आभास करा रहा है। श्रद्धालुओं को श्री श्रीजी महाराज के प्रवचन एवं दर्शन में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कथा स्थल पर चार बड़ी एलईडी टीवी स्क्रीन लगाई गई हैं। इसके साथ ही पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है तथा स्वास्थ्य सुविधा हेतु डॉक्टर भी अपनी सेवाएं दे रहे है। आयोजकों ने नगरवासियों एवं आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए बस की सुविधा भी रखी गई है । पहले ही दिन की कथा में उमडा भक्तों का सैलाब जिसमे बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचे और कथा का श्रवण लाभ लिया,सेंधवा शहर ही नहीं अब तो आसपास के कई गांव के लोग कथा सुनने के लिए पहुंचे, प्रतिदिन कथा के उपरांत प्रसादी वितरण का भी व्यवस्थित इंतजाम किया गया है
कथा के प्रथम दिन निंबार्काचार्य श्रीजी महाराज श्री श्यामशरण देवाचार्य जी ने कथा वचन में कहा माँ नर्मदा के निकट भागवत कथा होना परम सौभाग्य पूर्ण है । साथ ही निंबार्काचार्य पीठाधीश्व श्री राधासर्वेश्वर शरणदेवचार्य श्री श्रीजी महाराज के निकुंज प्रवेश तिथि व स्व. विष्णुप्रसाद यादव की स्मृति में जिनका सम्पूर्ण जीवन हमेशा गौ सेवा, संत सेवा, मानव सेवा में अग्रणी रहे इसे भक्त की स्मृति में भागवत कथा होना । परम सौभाग्य है । मानव जीवन के सार्थक करने के लिए भगवान का स्मरण करने से हमारे जीवन का कल्याण होता है । भगवान की दिव्य कथा से ही जीवन का कल्याण होता है पुण्य मिलता है जब हमें भागवत कथा का पुण्य मिलता है ।
कथा के पहले दिन कथा आयोजक स्व. विष्णुप्रसाद यादव के परिजन नपा अध्यक्ष बसंती बाई यादव, पुत्र संजय यादव, जितेंद्र यादव, श्रीप्रसाद यादव ने भागवत का व आचार्य
अंतरसिंह आर्य, सत्यनारायण यादव, ओमप्रकाश यादव, वासुदेव यादव, प्रहलाद यादव, दामोदर शर्मा, जयंत शर्मा, राजेंद्रसिंह रघुवंशी, चेतन अग्रवाल, राजेश सोनी, नरेंद्र तायल, डॉ दिनेश गौड़, गिरवर शर्मा, राजेंद्र शर्मा, गोपाल यादव, चंद्रभागा किराड़े, मोतीलाल चौधरी, श्याम लाठी हरदा ने पूजन कर गुरुजी का आशीर्वाद लिया ।भागवत कथा के यजमान जितेंद्र यादव सपत्नी श्रद्धापूर्वक भागवत कथा की पोथी को मस्तक पर धारण कर श्री श्रीजी महाराज श्री श्यामशरण देवाचार्य के साथ पैदल चलते हुए नजर आए, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था का विशेष केंद्र रहे।




