अहंकार, ईर्ष्या और लोभ से मुक्त होकर किया गया कर्म ही सच्चा धर्म है – श्रीजी महाराज
कथा के समापन पर पूर्णाहुति के साथ होगा विशाल भंडारा

हेमंत गर्ग
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सेंधवा(एक्सप्रेस संदेश)-जगन्नाथपुरी झवर कॉलोनी नगर की जगन्नाथपुरी झवर कॉलोनी में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन निंबार्काचार्य श्री श्रीजी महाराज श्री श्यामशरण देवाचार्य ने भावपूर्ण प्रवचन देते हुए भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के महत्व को विस्तार से समझाया। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही और वातावरण भक्ति रस से सराबोर रहा।
छठे दिन की कथा में आचार्य श्री ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, उद्धव–गोपी संवाद, भक्त और भगवान के संबंध तथा मानव जीवन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल श्रवण का विषय नहीं, बल्कि जीवन में उतारने योग्य दिव्य मार्गदर्शन है। जब मनुष्य निष्काम भाव से भक्ति करता है, तब उसके जीवन के सभी कष्ट स्वतः दूर हो जाते हैं।
आचार्य श्री ने कहा कि कलियुग में भक्ति ही सबसे सरल साधन है। भगवान का स्मरण, नाम जप और सत्संग मनुष्य को मोक्ष की ओर ले जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि अहंकार, ईर्ष्या और लोभ से मुक्त होकर किया गया कर्म ही सच्चा धर्म है। कथा के दौरान भजनों और कीर्तन ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
बुधवार को होगा कथा का समापन पर होगा विशाल भंडारा
आयोजकों ने जानकारी दी कि बुधवार को कथा का अंतिम दिन होगा। समापन अवसर पर पूर्णाहुति, हवन, आरती के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। अंतिम दिन विशेष रूप से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। कथा आयोजन समिति एवं नपा अध्यक्ष बसंती बाई यादव ने स्थानीय श्रद्धालुओं ने नगरवासियों से अंतिम दिन अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धार्मिक लाभ लेने की अपील की है। कथा स्थल पर व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं।
यह सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा नगर में आध्यात्मिक चेतना, सद्भाव और भक्ति भाव को सुदृढ़ करने का माध्यम बनी कथा के छठे दिन नपा अध्यक्ष बसंती बाई यादव, संजय यादव, जितेंद्र यादव, अरुण चौधरी, संजय यादव, गुजराती समाज से चेतन वासनी, चंद्रेश वासनी, राजेंद्र, बुद्धदेव, कीर्ति ठक्कर, भारत बुद्धदेव, शीतल बुद्धदेव, शीतल बुद्धदेव, पंकज बुद्धदेव ने भागवत पोथी का पूजन किया व श्री श्रीजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया ।




