यूजीसी के नए नियम को लेकर बढ़ा विरोध, मैदान में उतरा सवर्ण समाज
करणी सेना ने यूजीसी का पुतला फूंका


इंदौर – देशभर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का कड़ा विरोध हो रहा है। यूजीसी के नए उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता विनियम 2026 नियम को लेकर बवाल मचा हुआ है। यूजीसी के इस नए नियम के विरोध में इंदौर में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के प्रशासनिक संकुल नालंदा परिसर में करणी सेना ने प्रदर्शन किया। यहां कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की.. यूजीसी का पुतला फूंका। यूजीसी के नए नियमों को लेकर लगातार विरोध तेज हो रहा है। यूजीसी के नए उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता विनियम – 2026 का पूरे देश में स्टूडेंट्स और सवर्ण जाति के लोग विरोध कर रहे हैं। करणी सेना ने मंगलवार को डीएवीवी के नालंदा परिसर में विरोध किया। यूजीसी के नए नियमों का विरोध दर्ज कराने के लिए बड़ी संख्या में छात्र, सवर्ण समाज के लोग और कार्यकर्ता पहुंचे। करणी सेना ने यहां यूजीसी का पुतला भी फूंका।
करणी सेना ने यूजीसी के इन नियमों को काला कानून करार देते हुए वापस लेने की मांग की और आरोप लगाया कि ये नियम सामान्य वर्ग के छात्र छात्राओं के खिलाफ भेदभावपूर्ण हैं। इससे कैंपस में झूठे मामलों और विभाजन को बढ़ावा मिलेगा। करणी सेना ने आगामी 1 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है.. जबकि 2 फरवरी को सांसद निवास का घेराव करने की चेतावनी दी।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने करणी सेना के पदाधिकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों को उचित फोरम पर रखने की बात कही। डीएवीवी के कुलगुरू प्रो राकेश सिंघई ने करणी सेना के पदाधिकारियों से चर्चा की। इस दौरान डीएवीवी के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। वहीं प्रदर्शन को देखते हुए परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात था।




