मध्य प्रदेश के सवा लाख शिक्षकों की 6 हजार तक बढ़ेगी सैलरी, मोहन कैबिनेट का महत्वपूर्ण फैसला

भोपाल: मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने शिक्षकों को बड़ी राहत दी है. कैबिनेट की बैठक में सरकार ने शिक्षकों को चतुर्थ समयमान-क्रमोन्नत वेतनमान (Fourth time-scale-based promotional pay scale) दिए जाने का निर्णय लिया है. इसका लाभ उन शिक्षकों को मिलेगा, जो 35 साल की सेवा अवधि पूरी कर चुके हैं. सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के करीबन 1 लाख 25 हजार शिक्षकों को लाभ मिलेगा. चौथे समयमान वेतनमान से शिक्षकों को हर माह 2 हजार रुपए से लेकर 6 हजार रुपए का मासिक लाभ होगा. उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि इससे राज्य सरकार पर 22.34 करोड़ रुपए का अनुमानित भार आएगा.
प्रदेश के सवा लाख शिक्षकों को होगा फायदा
सीधी भर्ती के शिक्षकों को पहले मिल चुका लाभ
स्कूल शिक्षा विभाग सीधी भर्ती से आए व्याख्याता और प्राचार्यों को पहले ही चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ दे चुका है. अब पदोन्नति की पात्रता रखने वाले बाकी शिक्षकों को भी इसका लाभ दिया गया है. सरकार के इस फैसले से शिक्षकों को हर माह 2 हजार रुपए से लेकर 6 हजार रुपए तक का मासिक वेतन में फायदा मिलेगा. प्रदेश में अभी प्राचार्य और व्याख्याताओं को ही चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ मिल रहा है.
‘शिक्षक संगठन लंबे समय से कर रहे थे मांग’
सरकार के इस फैसले का शासकीय शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि “इसको लेकर संघ द्वारा लंबे समय से मांग की जा रही थी. पिछले दिनों शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी मुलाकात की थी और इसको लेकर मांग रखी थी. मुख्यमंत्री ने 5 सितंबर शिक्षक दिवस के मौके पर चतुर्थ समयमान-क्रमोन्नत वेतनमान दिए जाने का ऐलान किया था, लेकिन इसके बाद से ही यह प्रस्ताव कैबिनेट में नहीं पहुंच सका था.”




